निगम ने शुरू किया धरपकड़ अभियान,पहले ही दिन 8.25 क्विन्टल प्रतिबंधित प्लास्टिक थैलिया जब्त,शहर की सुंदरता बिगाड़ने वालों के खिलाफ लगातार होगी कार्यवाही - आयुक्त
निगम ने शुरू किया धरपकड़ अभियान,पहले ही दिन 8.25 क्विन्टल प्रतिबंधित प्लास्टिक थैलिया जब्त,शहर की सुंदरता बिगाड़ने वालों के खिलाफ लगातार होगी कार्यवाही - आयुक्त
उदयपुर। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना द्वारा प्रतिबंध प्लास्टिक के खिलाफ सघन अभियान शुरू किया है। अभियान के पहले ही दिन निगम द्वारा गठित टीम ने मंगलवार को अल सवेरे कार्रवाई करते हुए 8.25 क्विंटल प्रतिबंधित प्लास्टिक की थैलियां को जब्त किया।
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि पिछले कई समय से निगम द्वारा प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने हेतु विभिन्न व्यापारी संगठनों, शहर वासियों से अपील की जा रही थी, साथ ही निगम द्वारा चेतावनी भी जारी की गई थी कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित प्लास्टिक थैलियां का उपयोग या व्यवसाय करता हुआ पाया जाएगा तो निगम द्वारा उक्त फर्म या व्यक्ति के खिलाफ नियम अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पहले ही दिन जब्त किया 8.25 क्विंटल प्रतिबंधित प्लास्टिक
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि नगर निगम द्वारा प्रतिबंधित प्लास्टिक की धड़पकड़ प्रारंभ की गई है। अभियान के पहले ही दिन निगम पुलिस निरीक्षक मांगीलाल डांगी द्वारा अल सवेरे सेक्टर 8 सहकारी उपभोक्ता भण्डार के पीछे संजय नगर मे बने मकान पर दबिश दी। मकान मालिक अनिल मलकानी की उपस्थिति मे मकान की तलाशी लेने पर पोर्च के पास बने कमरे मे प्लास्टिक के कट्टे मिले। जिनकी जांच करने पर सभी मे प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक केरिबेग भरे हुए मिले। कमरे मे कुल 31 प्लास्टिक कट्टो में प्रतिबंधित प्लास्टिक केरिबेग भरे हुए थे, कट्टो का वजन करने पर 803 किलो 100 ग्राम हुआ। अनिल मलकानी से पूछताछ में पता लगा कि यह प्लास्टिक थैली अहमदाबाद कालपुर मे रानी प्लास्टिक के मालिक भावेश भाई से खरीदना व बलीचा मे स्थित ट्रांसपोर्ट के मार्फत कालपुर अहमदाबाद से मंगवाना बताया। यह थैलियां उदयपुर में बेचने के लिए भंडारण की गई थी। पुलिस निरीक्षक मांगीलाल डांगी द्वारा मौके से केरी बैग जब्त कर नियम अनुसार करवाई आरंभ की गई है।
शहर की सुंदरता में सबसे बड़ा बाधक है प्लास्टिक थैली
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि शहर की सुंदरता को लेकर किसी भी तरह का कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा, देश में जो भी शहर स्वच्छता रैंकिंग में उच्च पायदान पर है उन शहरों में प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग शून्य है। सुंदरता एवं स्वच्छता में प्लास्टिक की थैली सबसे बड़ा बाधक है। कई लोग प्लास्टिक की थैलियां में कचरा भरकर रोड पर फेंकते हैं, रेस्टोरेंट संचालक आदि कई व्यापारी भी प्लास्टिक की थैलियां में कचरा भरकर सड़कपर फेंकते है। यही प्लास्टिक की थैलियां नालियों एवं सीवरेज में बहते हुए अटक जाती है जिससे वह ओवर फ्लो हो पानी सड़क पर फैलता है जिससे शहर की सुंदरता बिगड़ती है। इस वर्ष उदयपुर स्वच्छता रैंकिंग में उच्च स्तर पर आया है, अब हमे अगली स्वच्छता रैंकिंग में की तैयारी अभी से शुरू करनी होगी जिसमें सबसे बड़ा कार्य शहर में प्लास्टिक के उपयोग को रोकना है।
दो अन्य स्थानों पर भी हुई कार्यवाही
नगर निगम पुलिस निरीक्षक मांगीलाल डांगी के अनुसार अभियान के तहत सेवाश्रम पुलिया के पास पाठों की मगरी रोड पर वर्ल्ड कार्ट फ्रेश सब्जी मण्डी मे ग्राहको को प्रतिबंधित प्लास्टिक केरी बैग मे सब्जी विक्रय की सूचना पर तलाशी ली गई। सब्जी मण्डी से 17 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक केरी बैग जब्त किये गये। मंडी मेनेजर सनी राजपुत ने केरीबेग दुकान मालिक मनीष द्वारा लाना बताया गया। इसी के साथ कुम्हारो का भट्टा से माली कोलोनी रोड पर दिपक चौधरी की फल सब्जी की दुकान से 5 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक केरी बैग जब्त किये गये।
सरकार ने पहले से लगा रखी है रोक
राज्य सरकार द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक केरिबेग के भण्डारण, विक्रय एवं उपयोग पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन कई स्थानो से चोरी छिपे प्रतिबंधित प्लास्टिक थैली उदयपुर शहर में पहुंच रही ह। निगम टीम ऐसे ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी जो प्रतिबंधित प्लास्टिक का परिवहन कर उदयपुर तक पहुंचाते हैं। प्रतिबंधित प्लास्टिक जो शहर में पहुंच रही है वह बिना टैक्स बिल अधिक पहुंच रही है जिससे सरकार को राजस्व हानि भी हो रही है। राजस्थान सरकार की पर्यावरण विभाग अधिसूचना में स्पष्ट अंकित किया गया है कि प्रतिबंधित प्लास्टिक का परिवहन करना पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत् दण्डनीय अपराध है। इसमें अपराधी को 5 वर्ष तक के करावास या एक लाख रूपये तक का जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जा सकेगा। यदि कोई व्यक्ति इसके बाद में भी उल्लंघन जारी रखता है तो उसको अतिरिक्त शास्ति से दण्डित किया जा सकेगा जो प्रतिदिन 5000 रूपये तक की हो सकेगी।