शहरी सेवा शिविर 2026 का तीसरा दिन,शिविर में शहरवासियों को मिल रहा विभिन्न सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ
शहरी सेवा शिविर 2026 का तीसरा दिन,शिविर में शहरवासियों को मिल रहा विभिन्न सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ
उदयपुर। राज्य सरकार के निर्देशानुसार नगर निगम उदयपुर द्वारा आयोजित किए जा रहे शहरी सेवा शिविर 2026 के तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में शहरवासी शिविर में पहुंचे और विभिन्न विभागों से संबंधित अपने आवश्यक कार्यों का निस्तारण करवाया। शिविर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा आमजन की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही अधिक से अधिक प्रकरणों का समाधान किया जा रहा है।
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि शिविर के तीसरे दिन स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कुल 73 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 62 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इसी प्रकार जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीयन से संबंधित 184 प्रकरणों में से 166 प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिससे आमजन को आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में सुविधा हुई। निगम द्वारा यूडी टैक्स से संबंधित सेवाओं में भी शहरवासियों को राहत प्रदान की गई। शिविर में यूडी टैक्स के 4 बिलों का निस्तारण करते हुए कुल 92 हजार रुपये की राशि जमा की गई। वहीं शहर में प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्ट्रीट लाइट से संबंधित 72 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 61 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए खराब लाइटों को ठीक करने एवं आवश्यक स्थानों पर नई लाइट लगाने की कार्रवाई की गई। आयुक्त के अनुसार शिविर के दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं शहर को हराभरा बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई। इसके तहत 40 पौधों का रोपण किया गया। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित ईडब्ल्यूएस के 2 प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया।
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले प्रत्येक नागरिक की समस्या को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे शहरी सेवा शिविर में पहुंचकर विभिन्न विभागों एवं सरकारी योजनाओं से संबंधित सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। शिविर के माध्यम से नगर निगम एवं संबंधित विभागों द्वारा आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे शहरवासियों को अपने कार्यों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें और उनके आवश्यक कार्य सरलता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न हो सकें।