जनगणना 2027, अनुपस्थित 18 कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस, अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा, विभागों में भेजे पत्र,तीन कार्य दिवस में प्रस्तुत करना होगा जवाब, ड्यूटी नहीं देने वाले कार्मिकों के खिलाफ दर्ज होगी एफ आई आर।
जनगणना 2027, अनुपस्थित 18 कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस,अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा, विभागों में भेजे पत्र,तीन कार्य दिवस में प्रस्तुत करना होगा जवाब, ड्यूटी नहीं देने वाले कार्मिकों के खिलाफ दर्ज होगी एफ आई आर।
उदयपुर। जनगणना 2027 में अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के विरुद्ध एक बार फिर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी अभिषेक खन्ना के निर्देश पर अनुपस्थित 18 कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, साथ ही कार्मिकों के विरुद्ध राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा भी की गई है। जल्द ही उपस्थिति नहीं देने वाले कार्मिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जायेगी ।
नगर निगम आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी अभिषेक खन्ना ने स्पष्ट कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 कार्य आरम्भ हो चुका हैं तथा राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित कार्यक्रम के अनुसार प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” का कार्य 16 मई से 14 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इस कार्य में अनुपस्थित कार्मिकों को व्यक्तिगत रूप से कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 जून तक स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर नगर जनगणना अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है। कार्मिकों की अनुपस्थिति को प्रशासन ने जनगणना कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही एवं अरुचि माना है। जारी नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11(1) के अंतर्गत ऐसे कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है, जिसके तहत तीन वर्ष तक के कारावास एवं एक हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही संबंधित कार्मिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने एवं विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाने की चेतावनी भी दी गई है। इस संबंध में सभी अनुपस्थित कर्मीको के विभागों के विभागाध्यक्षों को भी पत्र भेजे गए हैं ताकि संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जनगणना अधिकारी खन्ना ने कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है और इसमें प्रत्येक नियुक्त कार्मिक की जिम्मेदारी तय है।
इन कार्मिकों को जारी हुए नोटिस
जिला जनगणना अधिकारी के अनुसार लीला कुंवर, गुणवती राजावत, सीमा, सूर्यप्रकाश पारिख, हर्षराज चौहान, राजेंद्र सिंह राजपूत, कौशल्या सालवी, मधुबाला, प्रीति जोशी, घनश्याम शर्मा, शीला सालवी, मीणा भारती, महेंद्र सिंह राठौर, दुर्गेश सिंह, रजनी सोनी, निर्मला वर्मा, रीता राठौर, पुष्पा बागोरा आदि को नोटिस देकर इनसे संबंधित विभाग को कार्यवाही हेतु लिखा गया है।