जनगणना 2027, प्रशिक्षण में अनुपस्थित 136 कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस, 6 पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा,ड्यूटी नहीं देने वाले कार्मिकों के खिलाफ दर्ज होगी एफ आई आर,तीन वर्ष तक का कारावास एवं एक हजार रुपये तक का हो सकता है जुर्माना,राष्ट्रीय कार्य में लापरवाही बरदाश्त नहीं,विभिन्न विभागों में भेजे पत्र।
Date Published : 22 May 2026 07:02 AM

जनगणना 2027, प्रशिक्षण में अनुपस्थित 136 कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस, 6 पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा,ड्यूटी नहीं देने वाले कार्मिकों के खिलाफ दर्ज होगी एफ आई आर,तीन वर्ष तक का कारावास एवं एक हजार रुपये तक का हो सकता है जुर्माना,राष्ट्रीय कार्य में लापरवाही बरदाश्त नहीं,विभिन्न विभागों में भेजे पत्र।

उदयपुर। जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत आयोजित पर्यवेक्षक एवं प्रगणक प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के विरुद्ध नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी अभिषेक खन्ना के निर्देश पर प्रशिक्षण में अनुपस्थित 136 कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 6 कार्मिकों के विरुद्ध राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा की गई है। साथ ही ड्यूटी नहीं देने वाले कार्मिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा रही है।

नगर निगम आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी अभिषेक खन्ना ने स्पष्ट कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 कार्य आरम्भ हो चुका हैं तथा राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित कार्यक्रम के अनुसार प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” का कार्य 16 मई से 14 जून 2026 तक संचालित किया जाना है। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए विभिन्न विभागों के कार्मिकों को पूर्व में जारी आदेशों के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया गया था।

इसके बावजूद कई कार्मिक प्रशिक्षण के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण में अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित कार्मिकों को व्यक्तिगत रूप से कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने नगर जनगणना अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अधिकांश कार्मिकों द्वारा आज दिनांक तक कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही वे उपस्थित हुए। प्रशासन ने इसे जनगणना कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही एवं अरुचि माना है। जारी नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11(1) के अंतर्गत ऐसे कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है, जिसके तहत तीन वर्ष तक के कारावास एवं एक हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही संबंधित कार्मिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने एवं विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाने की चेतावनी भी दी गई है। इस संबंध में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों को भी पत्र भेजे गए हैं ताकि संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है और इसमें प्रत्येक नियुक्त कार्मिक की जिम्मेदारी तय है।

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